वैश्विक भारत में स्वास्थ्य का अधिकार- एक विश्लेषण

Authors

  • 1अमरेश रावत, 2डॉ0 राम प्रकाश

Abstract

प्रसिद्ध कहावत है कि ’स्वास्थ्य ही उत्तम धन है’ एवं मनुष्य की सर्वोपरि आवश्यकता है। वर्तमान समय में समूचा विश्व स्वास्थ्य सम्बन्धी चुनौतियों का सामना कर रहा है एवं स्थिति लगातार खराब होने की ओर अग्रसर है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। प्रत्येक नागरिक की स्वास्थ्य सुरक्षा करना सरकार का कर्तव्य है, जो भारतीय संविधान की पृष्ठभूमि में निहित है। प्रत्येक नागरिक को सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक अधिकार भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त हैं। स्वास्थ्य के अधिकार के अभाव में इन अधिकारों का उपयोग करना असम्भव है। स्वास्थ्य का अधिकार अनुच्छेद 21 के अधीन जीवन के अधिकार एवं संविधान के नीति निदेशक तत्वों के मूल में वर्णित है। जिसमें राज्य अपनी निति के द्वारा भारत के नागरिकों के स्वास्थ्य को सुरक्षित एवं संरक्षित रखने के लिए कर्तव्यबद्ध है।
मुख्य शब्द- स्वास्थ्य, सुरक्षा, संविधान, अधिकार।

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Published

31-01-2022

How to Cite

1.
1अमरेश रावत, 2डॉ0 राम प्रकाश. वैश्विक भारत में स्वास्थ्य का अधिकार- एक विश्लेषण. IJARMS [Internet]. 2022 Jan. 31 [cited 2026 May 26];5(1):34-40. Available from: https://journal.ijarms.org/index.php/ijarms/article/view/206

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Articles