डॉ. अम्बेडकर के दर्शन की प्रासंगिकता
Abstract
डॉ. अम्बेडकर के दर्शन की प्रसंगिकता आज वर्तमान में अगर लेकर चले तो समाज में समानता, और भ्रातत्व की भावना जागृत होगी। ‘‘आज भारत जिस आत्महीनता और नपुसंक किस्म की बुद्धिजीवता से गुजर रहा है उससे मुक्ति के लिए डॉ. अम्बेडकर पुरुषार्थ के प्रेरणास्रोत हो सकते हैं।
मुख्य शब्दावली- डॉ. अम्बेडकर, दर्शन, प्रासंगिकता, समानता, और भ्रातत्व की भावना, एकता, समानता और सद्भाव।
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Published
31-01-2022
How to Cite
1.
1डा0 अभिलाष सिंह यादव. डॉ. अम्बेडकर के दर्शन की प्रासंगिकता. IJARMS [Internet]. 2022 Jan. 31 [cited 2026 Apr. 4];5(1):41-6. Available from: https://journal.ijarms.org/index.php/ijarms/article/view/207
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