महिलाओं में सामाजिक चेतना जगाने तथा सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु योजनाओं का मूल्यांकन

Authors

  • सीमा पटेल, डॉ0 शाहेदा सिद्दीकी

Abstract

महिलाओं में सामाजिक चेतना जगाने तथा सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु संविधान के 72 वें एवं 73 वें संशोधन को ध्यान मे रखकर मध्यप्रदेश विधानसभा में 30 दिसम्बर 1993 को ‘‘मध्यप्रदेश पंचायतीराज अधिनियम 1993’’ पारित किया गया जो 25 जनवरी 1994 से राज्यपाल की स्वीकृति के बाद लागू हो गया है। इसके अन्तर्गत कमजोर वर्ग एवं महिलाओं के लिये ग्राम पंचायतों के सभी स्तरों पर व्यवस्था की गई है। राज्य सरकार ने अपने सभी विभागों को स्पष्ट रूप से कहा कि वे अपने अंतर्गत संचालित किये जाने वाले सभी प्रकार के सहायता कार्यक्रमों में महिलाओं की कम से कम 40 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करें। अब राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। मध्यप्रदेश में महिलायें उद्यमी के रूप में आगे आयें, इसके लिये कई स्वरोजगार योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
मुख्य शब्द - महिलाओं में सामाजिक चेतना, पंचायतीराज, स्वरोजगार, योजनाए तथा सामाजिक सहभागिता।

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Published

31-01-2022

How to Cite

1.
सीमा पटेल, डॉ0 शाहेदा सिद्दीकी. महिलाओं में सामाजिक चेतना जगाने तथा सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु योजनाओं का मूल्यांकन. IJARMS [Internet]. 2022 Jan. 31 [cited 2026 Apr. 4];5(1):141-5. Available from: https://journal.ijarms.org/index.php/ijarms/article/view/289

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