सुमित्रानंदन पन्त का आलोचनात्मक चिंतन

Authors

  • डॉ0 अभिषेक कुमार मिश्र

Abstract

आलोचना की शास्त्रवादी प्रणाली पर असंतोष प्रकट करते हुए ‘पल्लव’ के प्रवेश में पन्त जी का विचार है हिंदी में सत्समलोचना का बड़ा आभाव है रस गंगाधर, काव्यादर्श आदि की वीणा के तार पुराने हो गए।
शब्द संक्षेप- सुमित्रानंदन पन्त, शास्त्रवादी प्रणाली, समालोचना, आलोचनात्मक दृष्टि।

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Published

31-07-2022

How to Cite

1.
डॉ0 अभिषेक कुमार मिश्र. सुमित्रानंदन पन्त का आलोचनात्मक चिंतन . IJARMS [Internet]. 2022 Jul. 31 [cited 2026 Apr. 16];5(2):09-16. Available from: https://journal.ijarms.org/index.php/ijarms/article/view/357

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Articles