भारतीय ऋषि परंपरा में आर्थिक विचारः विदुर नीति के विशेष संदर्भ में।
Abstract
भारत के ऋषि परंपरा ज्ञान तथा विज्ञान के सृजन में विश्व स्तर पर अग्रणी रही है महात्मा विदुर इसी ऋषि परंपरा के वाहक हैं जो महाभारत काल में हुए और राजा के धर्म एवं नीति के विषय में इन्होंने अनेक उपदेश तत्कालीन महाराज धृतराष्ट्र को दिए थे इन विचारों में कुछ विचार ऐसे भी हैं जो आधुनिक अर्थशास्त्र की विभिन्न समस्याओं के निराकरण की दिशा में मार्गदर्शक हो सकते हैं प्रस्तुत पेपर में महात्मा विदुर द्वारा प्रदत्त उन विचारों को उद्धृत करने का प्रयत्न किया गया है जो एक उपभोक्ता की असीमित आवश्यकताओं की पूर्ति में संसाधन की दुर्लभता का समाधान प्रस्तुत करने के साथ ही राज्य के लोक कल्याणकारी स्वरूप को परिमार्जित कर सकते हैं।
शब्द संक्षेप- धर्म, नीति, संसाधन की दुर्लभताए ऋषि परंपराए कल्याण अर्थशास्त्र ।
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