ग्रामीण समाज में अपराध और पुलिस कार्यप्रणाली (एक समाजशास्त्रीय विश्लेषण)

Authors

  • डॉ श्री भगवान

Abstract

हजारों वर्षों से हमारे देश की भौगोलिक प्रकृति ग्रामीण अंचल की रही है। आज भी देश के कुल क्षेत्रफल का लगभग 70 प्रतिशत भाग ग्रामीण जनसंख्या से युक्त है। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 640867 गांव हैं। आंकड़ों से स्पष्ट है कि भारत गांवों का देश है। गांधी जी ने ठीक ही कहा था कि भारत की आत्मा गांव में निवास करती है। ग्रामीण कृषि और व्यवसाय पर ही देश की राजनीतिक सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति टिकी रहती है।
शब्द संक्षेप- भारत में ग्रामीण समाज, अपराध, पुलिस कार्यप्रणाली एवं समाजशास्त्रीय विश्लेषण।

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Published

31-07-2022

How to Cite

1.
डॉ श्री भगवान. ग्रामीण समाज में अपराध और पुलिस कार्यप्रणाली (एक समाजशास्त्रीय विश्लेषण) . IJARMS [Internet]. 2022 Jul. 31 [cited 2026 Feb. 11];5(2):104-7. Available from: https://journal.ijarms.org/index.php/ijarms/article/view/431

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Articles