विकसित भारत 2047ः विकास की ओर एक पहल- ग्रामीण विकास एवं नगरीकरण की चुनौतियॉ

Authors

  • डॉ0 ममता भारद्वाज

Abstract

भारत 2047 तक अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण करेगा। भारत सरकार ने इस अवसर को अपना लक्ष्य बनाते हुए ‘‘विकसित भारत 2047‘‘ की परिकल्पना को प्रस्तुत किया है। यह केवल आर्थिक समृद्धि का कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक, तकनीकि, पर्यावरणीय और शासन से संबंधित समग्र परिवर्तन का दृष्टिकोण है। भारत की विकास यात्रा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के सशक्तीकरण पर निर्भर करती है। एक ओर जहाँ ग्रामीण भारत को विभिन्न योजनाओं, रोजगार और उत्पादन में तेजी लाकर उसे आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है वहीं शहरीकरण की अनियोजित वृद्धि नई चुनौतियाँ उत्पन्न कर रही है। इस शोध पत्र में ग्रामीण विकास एवं नगरीकरण की चुनौतियों का विश्लेषण करते हुए, 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने के मार्ग में आने वाले अवसरों और बाधाओं का विवेचन किया गया है।
सूचक शब्दः- विकसित भारत 2047, ग्रामीण विकास, नगरीकरण, सतत विकास, शहरी नियोजन, स्मार्ट ग्राम, डिजिटल इंडिया।

Additional Files

Published

30-11-2025

How to Cite

1.
डॉ0 ममता भारद्वाज. विकसित भारत 2047ः विकास की ओर एक पहल- ग्रामीण विकास एवं नगरीकरण की चुनौतियॉ. IJARMS [Internet]. 2025 Nov. 30 [cited 2026 Apr. 6];8:8-15. Available from: https://journal.ijarms.org/index.php/ijarms/article/view/852