“विकसित भारत @ 2047ः सुशासन, सहभागिता और नीतिगत उत्तरदायित्व की दिशा में भारत

Authors

  • श्रीकांत पटेल

Abstract

विकसित भारत @ 2047” भारत सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य स्वतंत्रता के 100वें वर्ष तक भारत को एक आत्मनिर्भर, समावेशी, और सुशासित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। यह पहल केवल आर्थिक विकास का लक्ष्य नहीं रखती, बल्कि लोकतांत्रिक शासन, नीतिगत उत्तरदायित्व, और नागरिक सहभागिता के माध्यम से एक नए भारत के निर्माण की रूपरेखा प्रस्तुत करती है। इस शोध-पत्र का उद्देश्य यह विश्लेषण करना है कि किस प्रकार सुशासन , पारदर्शिता , और जवाबदेही  जैसे तत्व “विकसित भारत @ 2047” के दृष्टिकोण को सशक्त बनाते हैं।
राजनीतिक विज्ञान के परिप्रेक्ष्य से यह अध्ययन यह भी स्पष्ट करता है कि नीतिगत सहभागिता  और डिजिटल गवर्नेंस जैसे उपकरण किस प्रकार शासन प्रणाली को अधिक उत्तरदायी और जन-केंद्रित बना रहे हैं। भारत में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी, पंचायत से संसद तक नीति निर्माण की प्रक्रिया में एक नई ऊर्जा का संचार कर रही है। इस पहल के माध्यम से शासन और समाज के बीच सहयोगात्मक संबंधों को मजबूत कर, एक ऐसा राजनीतिक वातावरण निर्मित किया जा रहा है जो न केवल विकासोन्मुख है बल्कि न्यायसंगत और समावेशी भी है। इस प्रकार “विकसित भारत @ 2047” केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि एक सतत राजनीतिक-सामाजिक आंदोलन है जो भारत को एक उत्तरदायी, सहभागी और सुशासित राष्ट्र के रूप में पुनर्परिभाषित कर रहा है।
मुख्य शब्द - सुशासन, नीतिगत उत्तरदायित्व, नागरिक सहभागिता, लोक नीति, लोकतांत्रिक शासन, पारदर्शिता, जवाबदेही, प्रशासनिक सुधार, डिजिटल शासन, संस्थागत सुदृढ़ीकरण, सतत विकास, सहभागी लोकतंत्र, नीति नवाचार, उत्तरदायी शासन

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Published

30-11-2025

How to Cite

1.
श्रीकांत पटेल. “विकसित भारत @ 2047ः सुशासन, सहभागिता और नीतिगत उत्तरदायित्व की दिशा में भारत. IJARMS [Internet]. 2025 Nov. 30 [cited 2026 Apr. 27];8:67-75. Available from: https://journal.ijarms.org/index.php/ijarms/article/view/881