नेपाल में चीन की कूटनीतिक सक्रियता और भारत की नीति विकल्प
Abstract
नेपाल दक्षिण एशिया के भू-राजनीतिक मानचित्र में एक ऐसा देश है, जो भारत और चीन-दो महाशक्तियों-के बीच एक सेतु के रूप में स्थित है। पिछले एक दशक में चीन ने नेपाल में अपनी कूटनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सक्रियता को जिस गति से बढ़ाया है, उसने इस क्षेत्र की शक्ति-संतुलन व्यवस्था को प्रभावित किया है। चीन की “बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव” और नेपाल के साथ उसके बुनियादी ढांचा निवेश ने न केवल नेपाल की विदेश नीति को नया आयाम दिया है, बल्कि भारत के लिए भी रणनीतिक चुनौतियाँ उत्पन्न की हैं। वहीं भारत, जो ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से नेपाल से गहराई से जुड़ा रहा है, अब अपने पारंपरिक दृष्टिकोण की समीक्षा करने के लिए बाध्य है। इस शोध-पत्र में नेपाल में चीन की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका का विश्लेषण करते हुए यह विवेचना की गई है कि भारत किन नीतिगत विकल्पों के माध्यम से इस परिवर्तित परिदृश्य में अपनी स्थिति को सुदृढ़ बना सकता है। अध्ययन का उद्देश्य यह समझना है कि दक्षिण एशिया में संतुलन और सहयोग की नई दिशा किस प्रकार संभव हो सकती है।
बीज शब्द- नेपाल चीन की कूटनीति, भारत की विदेश नीति, क्षेत्रीय संतुलन,बेल्ट एंड रोड पहल, दक्षिण एशिया, रणनीतिक सहयोग, भू-राजनीति, नीति विकल्प ।
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