स्वर्णिम वर्ष की ओर बढ़ते भारत में महिला शक्ति पथ प्रदर्शक के रूप में नवनिर्माण की वाहक- एक समीक्षा

Authors

  • डॉ॰ मो॰ इसरार खान

Abstract

जब महिला समृद्ध होती है तो दुनिया समृद्ध होती है, ऐसे में महिलाओं को सशक्त बनाना न केवल सैद्धांतिक अनिवार्यता है बल्कि सामाजिक विकास के लिए एक रणनीतिक आवश्यकता भी है। इस दृष्टिकोण के साथ भारत ने देश के भीतर महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। वर्ष 2014 से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं की शुरुआत कर हर चरण में उनके लिए विशेष नीतियां व योजनाएं बनाई गई है ताकि वे न केवल नारी शक्ति का विकास हो बल्कि नारी शक्ति के नेतृत्व में विकास नए भारत की आधारशिला बने। महिला सशक्तिकरण का सर्वाधिक उपयुक्त विचार महिला उद्यमशीलता है।
आर्थिक दृष्टि से एक उद्यमशील महिला एक कार्यकारी महिला से अधिक शक्तिशाली होती है, क्योंकि स्वामित्व उसे न केवल परिसंपत्तियों और देनदारियो पर नियंत्रण प्रदान करता है बल्कि उसे अधिक आर्थिक स्वतंत्रत भी बनाता है। अब अमृत काल में नारी शक्ति का अभ्युदय सुनिश्चित हो इसके लिए सशक्तिकरण की इस यात्रा को आगे बढ़ाना सभी का दायित्व है। केंद्र सरकार की सोच है कि नारी शक्ति के प्रति सम्मान के दृष्टिकोण का उद्देश्य केवल एक प्रतीक न हो बल्कि हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व सुनिश्चित हो ताकि वह भारत की समृद्धि की यात्रा में सक्रिय रूप से भागीदार बन सके। भारत के विकास यात्रा देश की महिलाओं के साथ अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है, इस महत्वपूर्ण संबंध की पहचान करते हुए केंद्र सरकार ने बीते एक दशक में नारी शक्ति को अपने एजेंडे में शामिल किया है। इन प्रयासों का ही परिणाम है कि नारी शक्ति आज नए भारत की पथ प्रदर्शक बनकर उभरी है।
देश की आधी आबादी के विकास के बिना देश को विकसित बनाना नामुमकिन है। केंद्र की वर्तमान सरकार ने इस बात को बखुबी समझा है। बात चाहे स्वास्थ्य की हो या फिर सामाजिक - आर्थिक उत्थान की, बदलाव की हर नई कहानी के केंद्र में अब नारी शक्ति है। यही वजह है कि पिछले एक दशक से आधी आबादी के नेतृत्व में विकास को महत्व दिया जा रहा है। सरकार की इस नीति का ही असर है कि देश की आधी आबादी कठिनाई और चुनौतियों का सामना करते हुए आत्मनिर्भर, शिक्षा और समानता की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है।
मुख्य शब्द- स्वर्णिम वर्ष, बढ़ता भारत, महिला शक्ति, नवनिर्माण, सशक्तिकरण

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Published

30-11-2025

How to Cite

1.
डॉ॰ मो॰ इसरार खान. स्वर्णिम वर्ष की ओर बढ़ते भारत में महिला शक्ति पथ प्रदर्शक के रूप में नवनिर्माण की वाहक- एक समीक्षा. IJARMS [Internet]. 2025 Nov. 30 [cited 2026 Apr. 16];4(1):267-71. Available from: https://journal.ijarms.org/index.php/ijarms/article/view/895

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