मंडल सिद्धांत एवं आधुनिक भू-राजनीतिक रणनीति: कौटिल्य के विदेश नीति सिद्धांतों का समकालीन वैश्विक व्यवस्था में पुनर्मूल्यांकन

Authors

  • दीपाली सिंह

Abstract

प्रस्तुत शोध-पत्र में कौटिल्य द्वारा रचित ‘अर्थशास्त्र’ में वर्णित ‘मंडल सिद्धांत’ और आधुनिक भू-राजनीतिक रणनीति के मध्य अंतर्संबंधों का विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। कौटिल्य का मंडल सिद्धांत प्राचीन भारतीय राजनीतिक विचार का एक ऐसा आधारभूत स्तंभ है, जो राज्यों के बीच शक्ति-संतुलन, गठबंधन और शत्रुता के गतिशील संबंधों को रेखांकित करता है। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में विशेष रूप से हिन्द-प्रशांत (प्दकव- च्ंबपपिब) क्षेत्र में क्वाड (फनंक) का उदय, भारत-चीन भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और रूस- यूक्रेन इत्यादि यह सिद्ध करता है कि कौटिल्य के सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने ईसा पूर्व चौथी शताब्दी में थे। यह शोध-पत्र मंडल सिद्धांत के मूल ढांचे, ’षाड्गुण्य नीति’ और चार उपायों (साम, दाम, दण्ड, भेद) का विश्लेषण करते हुए यह प्रतिपादित करता है कि आधुनिक राष्ट्र राज्य अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कौटिल्यवादी यथार्थवाद का ही अनुसरण कर रहे हैं।
मुख्य शब्द- मंडल सिद्धांत, आधुनिक भू-राजनीतिक रणनीति, कौटिल्य, विदेश नीति सिद्धांत, समकालीन वैश्विक व्यवस्था, पुनर्मूल्यांकन

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Published

31-01-2026

How to Cite

1.
दीपाली सिंह. मंडल सिद्धांत एवं आधुनिक भू-राजनीतिक रणनीति: कौटिल्य के विदेश नीति सिद्धांतों का समकालीन वैश्विक व्यवस्था में पुनर्मूल्यांकन. IJARMS [Internet]. 2026 Jan. 31 [cited 2026 Jul. 11];9(01):247-53. Available from: https://journal.ijarms.org/index.php/ijarms/article/view/922

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Articles