डॉ0 अम्बेडकर की शिक्षा संबंधी अवधारणा और सामाजिक परिवर्तनः एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

DOI- https://doi.org/10.5281/zenodo.21802821

Authors

  • अखिलेश कुमार, डॉ0 स्मिता सिंह

Abstract

डॉ. भीमराव अम्बेडकर आधुनिक भारत के प्रमुख समाज सुधारक, शिक्षाविद्, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री तथा भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार थे। उन्होंने शिक्षा को केवल साक्षरता या ज्ञानार्जन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, आत्मसम्मान, समानता, स्वतंत्रता तथा सामाजिक न्याय की स्थापना का सर्वाधिक प्रभावी साधन माना। उनका प्रसिद्ध आह्वान ’’शिक्षित बनो, संगठित हो, संघर्ष करो’’ आज भी सामाजिक परिवर्तन और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण का प्रेरणास्रोत है। डॉ. अम्बेडकर का स्पष्ट मत था कि शिक्षा के अभाव में व्यक्ति अपने अधिकारों, कर्तव्यों तथा सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति जागरूक नहीं हो सकताय इसलिए शिक्षा को उन्होंने वंचित, शोषित एवं उपेक्षित वर्गों के उत्थान का मूल आधार माना। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य डॉ. अम्बेडकर की शिक्षा संबंधी अवधारणा तथा उसके सामाजिक परिवर्तन पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण करना है। अध्ययन में उनके शैक्षिक दर्शन, सामाजिक न्याय की अवधारणा, समतामूलक समाज की स्थापना, महिला शिक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा समावेशी शिक्षा संबंधी विचारों का समालोचनात्मक विवेचन किया गया है। शोध पूर्णतः द्वितीयक स्रोतों पर आधारित है, जिसमें डॉ. अम्बेडकर के मूल ग्रंथों, भारतीय संविधान, सरकारी दस्तावेजों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, पुस्तकों तथा शोध-पत्रों का उपयोग किया गया है। अध्ययन में वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक शोध-पद्धति अपनाई गई है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि डॉ. अम्बेडकर ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का केंद्रीय उपकरण माना। उनके अनुसार शिक्षित समाज ही सामाजिक कुरीतियों, जातिगत भेदभाव, अस्पृश्यता, लैंगिक असमानता तथा आर्थिक विषमता को समाप्त कर लोकतांत्रिक एवं न्यायपूर्ण व्यवस्था का निर्माण कर सकता है। समकालीन भारत में समावेशी शिक्षा, समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा सामाजिक न्याय की अवधारणाएँ उनके शैक्षिक चिंतन को और अधिक प्रासंगिक बनाती हैं। निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि डॉ. अम्बेडकर की शिक्षा संबंधी अवधारणा आज भी एक समतामूलक, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मूल्यों पर आधारित समाज के निर्माण हेतु मार्गदर्शक सिद्ध होती है।
मुख्य शब्द- डॉ. भीमराव अम्बेडकर, शिक्षा, शिक्षा दर्शन, सामाजिक परिवर्तन, सामाजिक न्याय, समावेशी शिक्षा, लोकतंत्र, समानता।

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Published

31-07-2026

How to Cite

1.
अखिलेश कुमार, डॉ0 स्मिता सिंह. डॉ0 अम्बेडकर की शिक्षा संबंधी अवधारणा और सामाजिक परिवर्तनः एक विश्लेषणात्मक अध्ययन: DOI- https://doi.org/10.5281/zenodo.21802821. IJARMS [Internet]. 2026 Jul. 31 [cited 2026 Aug. 5];9(02):43-5. Available from: https://journal.ijarms.org/index.php/ijarms/article/view/941

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