कोविड-19 महामारी और महिला श्रमिकों की बचतः एक गहन विश्लेषण
DOI- https://doi.org/10.5281/zenodo.23300732
Abstract
कोविड-19 महामारी ने वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक व आर्थिक संरचनाओं को गहरे स्तर पर प्रभावित किया है। भारत सरकार द्वारा लागू किया गया राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन और कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न व्यापक आर्थिक संकट का प्रभाव समाज के विभिन्न वर्गों पर पड़ा, परंतु इसका सबसे गहरा असर महिलाओं और किशोरियों पर देखा गया। महिलाएं पहले से ही सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से पिछड़ी स्थिति में थीं वे कम वेतन पाती हैं, सीमित बचत कर पाती हैं, और असुरक्षित अथवा अनौपचारिक क्षेत्रों में कार्यरत होती हैं। ऐसी स्थिति में महामारी ने उनकी आर्थिक असुरक्षा को और भी बढ़ा दिया। प्रस्तुत अध्ययन में महिला श्रमिकों की बचत प्रवृत्ति पर महामारी के प्रभाव का विश्लेषणात्मक रूप से मूल्यांकन किया गया है। इस शोध का प्रमुख उद्देश्य यह समझना है कि किस प्रकार लॉकडाउन, आय की अनिश्चितता, रोजगार की कमी और घरेलू उत्तरदायित्वों में वृद्धि ने महिला श्रमिकों की वित्तीय स्थिति और बचत क्षमता को प्रभावित किया। अध्ययन में पाया गया कि अधिकांश महिला श्रमिक महामारी के दौरान आर्थिक रूप से अत्यधिक प्रभावित हुईं। सीमित आय, बढ़ते घरेलू खर्च, और भविष्य को लेकर असुरक्षा की भावना के कारण उनकी बचत करने की प्रवृत्ति में गिरावट आई। इसके अतिरिक्त, सामाजिक सुरक्षा तंत्र की अपर्याप्तता और वित्तीय साक्षरता की कमी ने भी उनकी आर्थिक स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया।महिला श्रमिकों के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु लिंग-संवेदनशील योजनाओं, वित्तीय शिक्षा अभियानों, और महिला-केंद्रित बचत एवं ऋण योजनाओं की नीतिगत आवश्यकता है। यह शोध नीति निर्माताओं, सामाजिक योजनाकारों और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी संस्थाओं के लिए उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान कर सकता है।
मुख्य शब्द- COVID-19 महामारी, महिला श्रमिक, बचत की प्रवृत्तिया, वित्तीय स्थायित्व
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