मैक्स वेबर की सामाजिक क्रिया अवधारणा का समाजशास्त्रीय अध्ययन
Abstract
यह शोध-पत्र जर्मन समाजशास्त्री मैक्स वेबर द्वारा प्रतिपादित “सामाजिक क्रिया” की अवधारणा का समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है। वेबर के अनुसार समाजशास्त्र का उद्देश्य केवल सामाजिक संरचनाओं का अध्ययन नहीं, बल्कि व्यक्तियों द्वारा किए गए अर्थपूर्ण कार्यों की व्याख्या करना है। इस अध्ययन में सामाजिक क्रिया के स्वरूप, प्रकार, तथा उसकी व्याख्यात्मक पद्धति का विश्लेषण किया गया है। शोध में यह स्पष्ट किया गया है कि सामाजिक क्रिया टमतेजमीमद व्यक्ति की चेतना, मूल्य, भावनाओं तथा परंपराओं से प्रभावित होती है। साथ ही, इस अवधारणा की प्रासंगिकता और सीमाओं पर भी प्रकाश डाला गया है। निष्कर्षतः, वेबर की सामाजिक क्रिया अवधारणा आधुनिक समाज के विश्लेषण में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती है।
कुंजी शब्द- सामाजिक क्रिया, तर्कसंगत क्रिया, भावात्मक क्रिया, परंपरागत क्रिया, मूल्य-तर्कसंगतता, समाजशास्त्र
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