भारत के लिए अमेरिका-ईरान तनाव के आर्थिक और कूटनीतिक परिणाम
Abstract
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव ने पिछले कुछ दशकों में वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाला है। ये तनाव केवल पश्चिम एशियाई क्षेत्र तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उनके प्रभावों ने ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार, सैन्य रणनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित किया है। भारत, एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था तथा ऊर्जा-आश्रित विशाल राष्ट्र के रूप में, इस तनाव से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुआ है। भारत के लिए इस संघर्ष के परिणामों में कच्चे तेल की लागत, ऊर्जा सुरक्षा, अमेरिकी-भारतीय रणनीतिक साझेदारी, ईरानी समुदाय और मध्य पूर्व में निवेश एवं व्यापार अवसर शामिल हैं। यह शोधपत्र विस्तार से विश्लेषण करता है कि अमेरिका-ईरान तनाव का भारत के आर्थिक हितों, रणनीतिक विकल्पों और कूटनीति पर क्या असर पड़ा है, और भारत को भविष्य में किन रणनीतियों को अपनाना चाहिए।
मुख्य शब्द- अमेरिका-ईरान तनाव, भारत की ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक भागीदारी, कूटनीति, आर्थिक परिणाम, तेल विपणन, वैश्विक आर्थिक प्रभाव, मध्य पूर्व नीति
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